Thursday, December 29, 2016

Hindi Quote - Doodh ka Jala Chaas bhi phonk phonk kar peeta hai

कॉफ़ी का जला, कोल्ड ड्रिंक भी फूक फूक कर पीता है।। - नवनीत सिंह चौहान 

The One Burnt with Coffee, Drinks even Cold Drink with care - Navneet Singh Chauhan

Monday, December 12, 2016

Thought of the day - Life in Heaven

Life without an end will be a Life without purpose. Life in heaven will be a lot more boring.

- Navneet Singh Chauhan

Friday, November 11, 2016

Hari ka Doha by Navneet

Hari Hari japat phire, Karm kiye na ek.
Phir Jag rot phire, Hari hit kiye na ek.
- Navneet Singh Chauhan

Friday, September 2, 2016

Spiritual Quote on Purest form of Mind

When the Mind is Without Thoughts
When the Mind is Set Free
When you are not thinking anything
When you are completely relaxed
At that Moment Mind is in its Purest Form

- Navneet Singh Chauhan

Quote on Time as a Solution and a Problem

Sometimes the only solution to a problem is Time, And most problems in the world would not have been there if we had Time. - Navneet Singh Chauhan

Thursday, August 11, 2016

Quote on Being Selfish

I am Selfish, that's why "I" exist. - Navneet Singh Chauhan

में ख़ुदग़र्ज़ हू, तभी तो "में" हू || - नवनीत सिंह चौहान 

Wednesday, August 3, 2016

हिंदी कविता - भूली बिसरी यादें - नवनीत सिंग चौहान

बंद किताबो से, सूखे गुलाबो से,
तेरा चेहरा मेरे दिल में उतर आता है।
अनकही अनसुनी हर वोह बात दिल में दस्तक दे जाती है,
जिसे भुलाने की कोशिश में शामे गुजर गई।

कभी यादो के जरोखे में, कभी भिकरे पन्नो में,
सूखे गुलाबो से, आज भी तू मुझ में मिल जाती है,
तू जीवित है मुझ में कही, भूली बिसरी यादो में

आज ना जाने क्यों लगा की तेरी आहट सी आई, 
मगर जब पलट देखा तोह पाई बस तन्हाई 

आज भी में वही ठेरा हु, जहा हम साथ थे, 
जाने क्यों यह दिल मेरा ज़िन्दगी भर इंतज़ार करना चाहता है 
भूली बिसरी यादो में ही सही, तेरे संग जीना चाहता है

जब कभी टपकते है इन बन्ध पलकों से आसु,
हर बूंद को हम समेट लेते है ।
क्यूँ की आज भी तू मुझ में बस्ती है
कभी आसू तो कभी बंद दरवाजो की सिसकियो में

धुन्दता हूँ खुदा तोह मिलता नहीं, पर तू सहेज मिल जाती है,
भूली बिसरी यादो में ।
अब और में क्या मांगु मेरे खुदा से, जब तू मिल गई है,
मुझे मेरी भूली बिसरी यादो में।
                        - Navneet Singh Chauhan 




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